हमारी हिंदी Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya (1) मन के धन वे भाव हमारे हैं खरे। जोड़ जोड़ कर जिन्हें पूर्वजों ने भरे ।। उस भाषा में जो हैं इस स्थान की। उस हिंदी में जो हैं हिन्... Read More
स्वास्थ्य विधान / आदर्श जीवन / डेविड ई शी / रामचंद्र शुक्ल : भाग - 2 Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya खाद्य पदार्थों पर विचार करके अब मैं पेय पदार्थों के विषय में कुछ कहना चाहता हूँ। प्राचीन यूनानियों का यह सिध्दान्त था कि पीने के लिए पानी ... Read More
स्वास्थ्य विधान/आदर्श जीवन/डेविड ई शी/रामचंद्र शुक्ल : भाग-1 Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya 'धर्मार्थकाममोक्षाणां शरीरं साधानं परम्' इस बात का विश्वास उन्नति के लिए परम आवश्यक है कि स्वास्थ्य रक्षा मनुष्य का प्रधान धर... Read More
स्वास्थ्य विधान / आदर्श जीवन / डेविड ई शी / रामचंद्र शुक्ल : भाग - 3 Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya अब व्यायाम का विषय लेता हूँ जिस पर ध्यान देने की विद्यार्थी वा युवा पुरुष को सबसे अधिक आवश्यकता है। शरीर और चित्त की स्वस्थता, मन की फुरती... Read More
अतिथि कब जाओगे ! Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya तुम्हारे आने के चौथे दिन, बार-बार यह प्रश्न मेरे मन में उमड़ रहा है, तुम कब जाओगे अतिथि! तुम कब घर से निकलोगे मेरे मेहमान! तुम जिस सोफे पर... Read More
कुत्ते की कहानी Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya मेरे मित्र की कार बंगले में घुसी तो उतरते हुए मैंने पूछा, “इनके यहां कुत्ता तो नहीं है?“ मित्र ने कहा, “तुम कुत्ते से बहुत डरते हो!” मैंन... Read More
क्रोध : निबंध/आचार्य रामचंद्र शुक्ल Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी ने मनोविकारों जैसे - क्रोध, भय, उत्साह आदि पर बहुत सुन्दर रचनाएँ लिखी हैं ; वैसे तो, क्रोध पर मैं हमेशा से लिखती ... Read More
सड़क और सिद्धांत/हिंदी कहानी Ritika Mourya September 29, 2017 Add Comment Ritika Mourya भर्र-भर्र करती हुई एक जीप दुकान के सामने रुकी । ' ओ चायवाले , चार कप चाय बनाना ,' - कह कर एक आदमी तीन आदमियों के साथ दुकान के... Read More